Karwa Chauth के मौके पर भूलकर भी न करें इन कामों को, जानें तारीख, पूजा मुहूर्त व चांद निकलने शुभ समय
रिपोर्ट: एकता चौधरी
सबसे तेज न्यूज ब्यूरो ------------------------ करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस बार रविवार 24 अक्टूबर 2021 को ये व्रत रखा जाएगा। पांच साल बाद फिर इस करवा चौथ पर शुभ योग बन रहा है। करवा चौथ पर इस बार रोहिणी नक्षत्र में पूजन होगा, तो वहीं रविवार का दिन होने की वजह से सूर्य देव का भी व्रती महिलाओं को आशीर्वाद प्राप्त होगा। ये व्रत बहुत नियम और सावधानी से किया जाता है। आइए जानते हैं क्या हैं वो काम जो आपको व्रत रखते समय नहीं करना चाहिए। आपको बता दें कि करवा चौथ के दिन देर तक न सोएं क्योंकि व्रत की शुरुआत सूर्योदय के साथ ही हो जाती है। पूजा-पाठ में भूरे और काले रंग को शुभ नहीं माना जाता है। हो सके तो इस दिन लाल रंग के कपड़े ही पहनें क्योंकि लाल रंग प्यार का प्रतीक माना जाता है। खुद न सोने के अलावा इस दिन महिलाओं को घर के किसी भी सोते हुए लोगों को उठाना नहीं चाहिए। हिंदू शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ के दिन किसी सोते हुए व्यक्ति को नींद से उठाना अशुभ होता है। सास की दी गई सरगी करवा चौथ पर शुभ मानी जाती है। व्रत शुरू होने से पहले सास अपनी बहू को कुछ मिठाइयां, कपड़े और श्रृंगार का सामान देती है। सरगी का भोजन करें और भगवान की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें। व्रत करने वाली महिलाओं को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। महिलाओं को घर में किसी बड़े का अपमान नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि करवा चौथ व्रत के दिन महिलाओं को पति से झगड़ा नहीं करना चाहिए। झगड़ा करने से आपको व्रत का फल नहीं मिलेगा। करवा चौथ के व्रत के दिन सफेद चीजों का दान करने से बचें। जैसे सफेद कपड़े, दूध, चावल, दही और सफेद मिठाई दान न करें। आज के दिन नुकीली चीजों के इस्तेमाल से बचें। सुई-धागे का काम न करें। कढ़ाई, सिलाई या बटन टाकने का आज के दिन न करें तो अच्छा है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में चांद निकलेगा और पूजन होगा। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि इस साल 24 अक्टूबर 2021, रविवार सुबह 3 बजकर 1 मिनट पर शुरू होगी, जो अगले दिन 25 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 43 मिनट तक रहेगी। इस दिन चांद निकलने का समय 8 बजकर 11 मिनट पर है। पूजन के लिए शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर 2021 को शाम 06:55 से लेकर 08:51 तक रहेगा। सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें। इसके बाद सरगी के रूप में मिला हुआ भोजन करें, पानी पीएं और गणेश जी की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शाम तक न तो कुछ खाना और ना ही पीना है। पूजा के लिए शाम के समय एक मिट्टी की वेदी पर सभी देवताओं की स्थापना कर इसमें करवा रखें। एक थाली में धूप, दीप, चन्दन, रोली, सिन्दूर रखें और घी का दीपक जलाएं। पूजा चांद निकलने के एक घंटे पहले शुरू कर दें। इसके बाद चांद के दर्शन कर व्रत खोलें।
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